लगातार बारिश से करौली में हालात बिगड़े, कई गांवों का संपर्क टूटा
करौली : राजस्थान के करौली जिले में बीते 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के कारण बांधों और नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों का संपर्क टूट चुका है और इमरजेंसी सेवाएं बाधित हो गई हैं।
पांचना बांध से छोड़ा गया 26 हजार क्यूसेक पानी
भारी बारिश से पांचना बांध का जलस्तर 258.30 मीटर तक पहुंच गया। बढ़ते दबाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने गेट नंबर 2, 3, 4 और 6 को डेढ़-डेढ़ मीटर खोलकर 26,233 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की।
अधिशासी अभियंता सुशील गुप्ता ने बताया कि बांध के डाउन स्ट्रीम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सचेत रहने की अपील की गई है और जलस्तर पर विभाग लगातार नजर रख रहा है।
सपोटरा में थाने और क्वार्टरों में पानी, इस बांध पर 7 फीट की चादर
सपोटरा उपखंड में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। यहां पुलिस थाना परिसर और जवानों के क्वार्टरों में पानी घुस गया। सामान डूब गया और जर्जर क्वार्टर गिरने की कगार पर पहुंच गए। थानाधिकारी धारासिंह मीणा रातभर पानी निकासी में जुटे रहे। इसी बीच कालीसिल बांध पर सात फीट की चादर चल रही है।
गोरेहार नदी पर पुल क्षतिग्रस्त, खूबपुरा पुल से ऊपर बहा पानी
तेज बारिश के चलते गोरेहार नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं खूबपुरा नदी पर बने नवीन पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। इससे आसपास के इलाकों में खतरा और बढ़ गया है।
परीक्षाएं स्थगित, स्कूल भी बंद
लगातार बारिश से शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। कोटा यूनिवर्सिटी ने 23 अगस्त को होने वाली सभी तीन पारियों की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि परीक्षाओं की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। वहीं, दर्जनभर गांवों के संपर्क टूटने से विद्यार्थी स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं।
चंबल नदी उफान पर, खतरे के निशान के करीब
इधर, चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का स्तर 164.18 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 165 मीटर है। कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण प्रवाह और तेज हो गया है। करौली से 20 किलोमीटर दूर लांगरा क्षेत्र के बुगडार गांव में तीन पुलिया पर पानी बहने से कई गांवों का संपर्क टूट चुका है।
ग्रामीणों में आक्रोश, ‘हर साल बिगड़ते हैं हालात’
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते 10–15 वर्षों से इस समस्या का समाधान नहीं किया गया। हर साल बारिश के दौरान यही हालात पैदा होते हैं, लेकिन ठोस कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं। आजादी के दशकों बाद भी जिले के कई गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
गंभीर नदी में तेज बहाव, हिंडौन-गंगापुर मार्ग बंद
हिंडौन क्षेत्र की गंभीर नदी में भी तेज बहाव आने से स्थिति बिगड़ गई। कटकड पुलिया पर सुरक्षा की दृष्टि से हिंडौन सदर थाना पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए हिंडौन-गंगापुर रोड पर वजीरपुर और हिंडौन की ओर जाने वाले दोनों मार्गों को जेसीबी से कटवाकर पूरी तरह बंद कर दिया है। थानाधिकारी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि मौके पर पुलिस तैनात है और लोगों को पुलिया पार न करने की समझाइश दी जा रही है।
प्रशासन ने की सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक पानी का बहाव सामान्य स्तर पर नहीं आता, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें और सतर्क रहें। साथ ही किसी भी जोखिम भरे कदम से बचकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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