मुंबई: अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़ी राहत, नहीं देना होगा टोल टैक्स
मुंबई : मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में इलेक्ट्रिक व्हीकल रखने वालों को लिए गुड न्यूज है। मुंबई के अटल सेतु पर अब उन्हें अपने ईवी से सफर करने के दौरान टोल नहीं भरना होगा। सरकार की तरफ से लिया गया निर्णय 22 अगस्त 2025 से लागू होगा। इसके दायरे में निजी और सरकार वाहन आएंगे। इस फैसले का लाभ चार पहिया वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक बसों को होगा। एक अनुमान के अनुसार अटल सेतु से रोजाना करीब 60 हजार वाहन गुजरते हैं।इनमें काफी संख्या इलेट्रिक वाहनों की है। सराकर ने ईवी को 2030 टोल टैक्स से छूट देने का ऐलान किया है। अटल सेतु पर कार का टोल 250 रुपये है। यह टोल दिसंबर, 2025 के लागू है।
नीति में किया था उल्लेख
राज्य सरकार ने अप्रैल 2025 में 'महाराष्ट्र इलेट्रिक वाहन नीति' घोषित की थी, जिसके तहत अटल सेतु, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग पर इलेट्रिक चार पहिया वाहन और बसों को टोल माफी देने का निर्णय लिया गया था। इसमें कहा गया था कि राज्य और राष्ट्रीय महामार्गों पर इलेट्रिक वाहनों को 50 फीसदी छूट मिलेगी। परिवहन आयुक्त विवेक भिमनवर ने बताया कि अटल सेतु पर टोल माफी के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। जिसे शुक्रवार से इसे लागू किया जाएगा, जबकि अन्य महामार्गों पर भी यह सुविधा 2 दिनों में शुरू हो जाएगी।
मालवाहक वाहन दायरे में नहीं
नीति में यह साफ किया गया है कि इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन इसके दायरे में नहीं आएंगे। अधिकारियों के अनुसार यह छूट सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए है। अटल सेतु पर शिवाजीनगर और गवन स्थित टोल बूथों पर शुक्रवार से यह नया नियम लागू होगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस नीति से ईवी का उपयोग बढ़ेगा और परिवहन क्षेत्र में ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। मुंबई में इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा बढ़ रहा है, जिन्हें इस पहल का सीधा लाभ मिलेगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 18,400 हल्के चार पहिया वाहन, 2,500 हल्के यात्री वाहन, 1,200 भारी यात्री वाहन और 300 मध्यम यात्री वाहन हैं, कुल मिलाकर 22,400 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। औसतन प्रतिदिन लगभग 60,000 वाहन अटल सेतु से गुजरते हैं।
क्रूज हादसे के बाद एक्शन में सरकार, सीएम जबलपुर पहुंचेंगे आज
गर्मी में आंखों में जलन क्यों बढ़ती है? जानें कारण और बचाव
Tejashwi Yadav का बयान: भाजपा को बिहार का नाम ‘श्रमिक प्रदेश’ रखना चाहिए
होर्मुज संकट: खाड़ी देशों में अब जमीनी रास्तों से हो रही सप्लाई
ED की बड़ी कार्रवाई: बिलासपुर में छापा, करोड़ों की संपत्ति जब्त
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के भाषणों पर FIR की मांग खारिज
किसानों की समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरेगी कांग्रेस
पंजाब की राजनीति गरमाई, बीजेपी का नया मास्टर प्लान सामने