रात की बची आलू की सब्जी से बनाएं लाजवाब पराठे, आसान रेसिपी
नई दिल्ली। क्या आपके घर में भी रात की आलू की सब्जी बच जाती है? अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि बची हुई सब्जी का क्या करें। कुछ लोग इसे फेंक देते हैं, लेकिन अगर हम कहें कि इस बची हुई सब्जी से आप सुबह का सबसे लाजवाब और स्वादिष्ट नाश्ता बना सकते हैं? जी हां, बिल्कुल सही पढ़ा आपने! आज हम आपको बची हुई आलू की सब्जी से खस्ता पराठे बनाने की एक ऐसी आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिसे खाने के बाद हर कोई आपकी तारीफ करेगा। ये पराठे बनाने में जितने आसान हैं, स्वाद में उतने ही लाजवाब! सबसे अच्छी बात यह है कि आपको पराठे की स्टफिंग बनाने की मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। आइए, जानते हैं इस आसान और स्वादिष्ट रेसिपी के बारे में।
सामग्री
- रात की बची हुई आलू की सब्जी (करीब 1-2 कटोरी)
- गेहूं का आटा (आलू की सब्जी की मात्रा के अनुसार)
- बारीक कटा हुआ प्याज (ऑप्शनल)
- बारीक कटी हुई हरी मिर्च (स्वादानुसार)
- बारीक कटा हुआ हरा धनिया
- नमक (आवश्यकतानुसार, क्योंकि सब्जी में पहले से नमक है)
- जीरा पाउडर (ऑप्शनल)
- थोड़ा सा गरम मसाला (ऑप्शनल)
- तेल या घी (पराठे सेकने के लिए)
बनाने की विधि
- सबसे पहले, एक बड़े बर्तन में बची हुई आलू की सब्जी निकाल लें।
- अब इस सब्जी को अच्छी तरह से मैश कर लें। अगर सब्जी में बड़े टुकड़े हैं तो उन्हें तोड़ दें।
- मैश की हुई सब्जी में बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और अगर चाहें तो जीरा पाउडर और गरम मसाला मिलाएं। नमक डालते समय ध्यान रखें क्योंकि सब्जी में पहले से नमक है।
- अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके गेहूं का आटा डालें और गूंथना शुरू करें। आपको आटे को बिल्कुल उसी तरह गूंथना है जैसे आप नॉर्मल रोटी के लिए गूंथते हैं। ध्यान दें कि आपको इसमें पानी डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि आलू की सब्जी में पर्याप्त नमी होती है।
- जब आटा मुलायम गूंथ जाए, तो इसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि यह सेट हो जाए।
- अब इस गुंथे हुए आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें पराठे की तरह बेल लें।
- एक तवा गरम करें और उस पर थोड़ा सा तेल या घी डालकर गरम करें।
- बेले हुए पराठे को तवे पर डालें और दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें।
- बस, आपके गरमागरम और स्वादिष्ट पराठे तैयार हैं। इन्हें दही, अचार या अपनी मनपसंद चटनी के साथ परोसें।
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण