रणथंभौर नेशनल पार्क की लापरवाही, अंधेरे में अकेले छूटे पर्यटक
राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां पर्यटकों को टाइगर सफारी कराने गए एक गाइड ने उनको अंधेरे में जंगल के बीचों-बीच छोड़ दिया. सफारी के दौरान पर्यटकों से भरा एक कैंटर अचानक जंगल के बीचों-बीच खराब हो गया. इस कैंटर में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे.
आरोप है कि कैंटर में सवार गाइड ने पर्यटकों को जंगल में ही छोड़ दिया और जाते समय अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वह दूसरा कैंटर लेकर आ रहा है. मामला 16 अगस्त की शाम का है. शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक पर्यटक अंधेरे में फंसे रहे. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चे बैठे और मोबाइल की रोशनी में रोते हुए दिखाई दे रहे हैं.
वन विभाग ने समय पर मदद नहीं की
पर्यटकों का कहना है कि बार-बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद वन विभाग ने समय पर मदद नहीं की. आखिरकार एक पर्यटक दूसरी जीप में राजबाग नाका चौकी पहुंचा और वहां से बाकी पर्यटकों को लाने के लिए एक गाड़ी लाई गई. शिकायत के बाद वन विभाग ने लगभग ढाई घंटे की देरी से बिना लाइट वाला कैंटर भेजा. राजबाग नाका चौकी पर तैनात वन अधिकारी विजय मेघवाल और पर्यटकों के बीच विवाद हुआ.
अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि विभाग इसके लिए जिम्मेदार नहीं है. वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. कैंटर गाइड मुकेश कुमार बैरवा, कैंटर चालक कन्हैया, शहजाद चौधरी और लियाकत अली के पार्क में प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है.
भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
डीएफओ के आदेश में कहा गया है कि कैंटर संख्या आरजे25-पीए-2171 16 अगस्त की शाम को जंगल में खराब हो गया था. वन संरक्षक अनूप ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी गाइड या चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती 2022 पर सवाल, फाइनल आंसर-की में बदलाव के आरोप
राजस्थान में छात्रों का आंदोलन तेज, धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब इस मंत्री के इस्तीफे की मांग