जर्जर स्कूल भवन के विरोध में ग्रामीणों संग बच्चों ने किया प्रदर्शन, स्कूल गेट पर जड़ा ताला
Rajasthan Govt School Buildings: झालावाड़ स्कूल हादसे के देखकर झुंझुनूं के करमाड़ी गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निरंजन लाल सैनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ते हुए स्कूल के बाहर धरना दिया। इस दौरान स्कूल के बच्चों सहित ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे।
स्कूल भवन की छत जर्जर
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की छत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विद्यालय में करीब 65 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं जिनका भविष्य खतरे में है। कई बार प्रशासन से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई गई लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
बच्चों की जान को खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान स्कूल की छत से पानी टपकता है और दीवारों से प्लास्टर गिर चुका है। यही नहीं, इस भवन में एक आंगनबाड़ी केंद्र भी चलता है, जिससे छोटे बच्चों की जान भी खतरे में है।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से जल्दी से जल्दी स्कूल भवन की मरम्मत करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल की मरम्मत नहीं की जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा।
"हमने कई बार प्रशासन से स्कूल की मरम्मत करने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हम मजबूर हैं और तब तक आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक समाधान नहीं मिलता।"
निरंजन लाल सैनी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष
ये बोले स्कूल के बच्चे
"हमें डर लगता है, स्कूल की छत जर्जर हो गई है और कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। हम चाहते हैं कि हमारी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।"
वायरल सेलिब्रेशन पर पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, आखिर किसे दिया था संदेश?
दिल्ली-हरियाणा यात्रियों को राहत, सोनीपत से कश्मीरी गेट तक दौड़ेंगी ई-बसें
यरुशलम हत्याकांड: फ्लैट में मिला भारतीय मजदूर का शव, जांच में जुटी पुलिस
NEET मुद्दे पर सियासत तेज, प्रियंका चतुर्वेदी ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
लॉ ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी! भारतीय सेना में अधिकारी बनने का शानदार अवसर
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उछाल, रोजगार और कारोबार के लिए खुल रहे नए द्वार
दूसरों की किस्मत बताने वाली अन्ना खुद नहीं जान पाईं अपना भविष्य, पावर बैंक ब्लास्ट में झुलसीं
विपक्ष के विरोध से नहीं चली कार्यवाही, दोनों सदनों में मचा घमासान
खर्च की रफ्तार पर CAG की चिंता, 93 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अधूरा