हाईकोर्ट का फैसला: बेटी से हैवानियत करने वाले पिता को उम्रकैद नहीं, 30 साल की सजा
चंडीगढ़(पंजाब)। अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने वाले व्यक्ति की माैत की सजा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 30 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया है। कोर्ट ने पिता को दोषी तो माना लेकिन इस मामले को दुर्लभतम में दुर्लभ मानने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मौत की सजा के लिए यह उपयुक्त मामला नहीं है।
2020 में पीड़िता ने अपने दादा-दादी के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी कि उसकी मां की मृत्यु के बाद उसके पिता ने वर्षों तक उसका यौन शोषण किया जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। आरोपी को तीन अक्तूबर 2020 को गिरफ्तार किया गया और उसने अपना अपराध कबूल किया था। पीड़िता ने बाद में एक बच्चे को जन्म दिया।
पलवल जिला कोर्ट ने 2023 में आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में पहुंचा, जहां दोषी ने दावा किया कि उसे फंसाया गया और पीड़िता से पैदा हुए बच्चे का पिता वह नहीं बल्कि पीड़िता का प्रेमी है। हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष के चिकित्सीय साक्ष्यों और पीड़िता के बयान को मजबूत मानते हुए दोषी की अपील खारिज कर दी।
पीड़िता ने गवाही में स्पष्ट रूप से कहा कि उसके पिता ने चार वर्षों तक उसका यौन शोषण किया। डीएनए साक्ष्य ने भी पुष्टि की कि पीड़िता की सलवार पर मिला वीर्य और बच्चे का डीएनए दोषी से मेल खाता है। हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धारा छह और भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 506 (II) के तहत दोषी की सजा को बरकरार रखा। हालांकि, मृत्युदंड को 30 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया गया, जिसमें दोषी को समयपूर्व रिहाई का कोई लाभ नहीं मिलेगा। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ बार-बार यौन शोषण कर गंभीर अपराध किया, जिसके लिए सजा में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव