मुरूम माफिया ने तालाब को बनाया निशाना, अवैध खुदाई पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज
छत्तीसगढ़ के सिलयारी जिले में ग्राम पंचायत सांकरा का मांघी तालाब अवैध मुरूम उत्खनन का अड्डा बन गया है। तालाब की साफ-सफाई के नाम पर सैकड़ों ट्रक मुरूम निकालकर बाजार में बेच दी गई है। यह खुदाई 10 फीट गहराई तक जेसीबी और पोकलेन से की गई, जबकि माइनिंग विभाग ने सिर्फ 1000 घन मीटर की अनुमति दी थी।
तालाब करीब 4 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। स्थानीय पूर्व पंच अमर दास टंडन ने इस मामले को कई बार उठाया है। उनका आरोप है कि रात के अंधेरे में भी खुदाई चलती रही। खनिज विभाग ने आंखें मूंद लीं। टंडन ने मांग की है कि खुदाई की जांच हो और मुरूम की मार्केट कीमत के अनुसार जो भी रकम बनती है, वह ग्राम पंचायत के खाते में जमा की जाए। तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर चल रहे इस अवैध कारोबार से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
सांकरा के मांघी तालाब में मुरूम माफिया का कब्जा
उन्हें अब भी उमीद है कि प्रशासन कार्रवाई करेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो ग्रामीण विरोध प्रदर्शन की योजना बना सकते हैं। तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे ने बताया कि मामला माइनिंग विभाग को सौंपा गया है। तहसील कार्यालय की इसमें कोई भूमिका नहीं है। वहीं खनिज अधिकारी उमेश भार्गव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण बात नहीं हो सकी।
बाघ सप्ताह के अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पॉम पेंटिग प्रतियोगिता का आयोजन
सुशासन का ‘सेवा सेतु’: नेतानार के फूलसिंह और रामबती को आवेदन के दिन ही मिला विवाह प्रमाण पत्र
डिजिटल क्रांति से जगमगाया अबूझमाड़
बाहरी आडंबरों से अलग है दादाजी धूनीवाले धाम, जहां आध्यात्मिक शक्ति का होता है अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से समय पर उपचार ने बचाई 4 वर्षीय मासूम की जान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दिव्यांग समझराम साहू को मिली बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल
निशातपुरा रेलवे स्टेशन से भोपाल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : मंत्री सारंग
जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर, DM के आदेश पर लगी रोक
पेपर लीक मुद्दे पर पिघली बर्फ, सरकार और विपक्ष में बनी सहमति; कल सदन में हो सकती है चर्चा