भोपाल मंडल में गुना-बीना सेक्शन और बीना स्टेशन का एसएजी स्तर की टीम द्वारा संरक्षा ऑडिट निरीक्षण
भोपाल। भोपाल मंडल में रेल संरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री प्रवीन खोराना के नेतृत्व में एसएजी लेवल सेफ्टी ऑडिट टीम ने गुना-बीना सेक्शन और बीना स्टेशन का गहन संरक्षा निरीक्षण किया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक भोपाल एवं मंडल के सभी वरिष्ठ अधिकारी और निरीक्षक भी उपस्थित रहे और निरीक्षण कार्य में सक्रिय भागीदारी
निभाई।
निरीक्षण के दौरान एसएजी लेवल की टीम ने गुना-बीना सेक्शन पर स्थित इंजीनियरिंग गेट, ट्रैफिक गेट, महत्वपूर्ण पुल, प्वाइंट एवं क्रॉसिंग, कर्व और विभिन्न स्टेशनों तथा यार्डों का गहन निरीक्षण कर संरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की। टीम द्वारा संरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बीना स्टेशन पर विशेष रूप से गार्ड एवं लोको पायलट लॉबी, रनिंग रूम, दुर्घटना राहत गाड़ी तथा दुर्घटना राहत मेडिकल वैन की व्यवस्था एवं कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया गया। टीम ने उपलब्ध सुविधाओं एवं संरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच करते हुए दुर्घटना से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि पश्चिम मध्य रेलवे संरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देते हुए समय-समय पर इस प्रकार के निरीक्षण कर संरक्षा में निरंतर सुधार सुनिश्चित करता है। इस निरीक्षण के माध्यम से प्राप्त सुझावों को शीघ्र ही अमल में लाया जाएगा ताकि संरक्षा स्तर को और सुदृढ़ बनाया जा सके।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत
अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
निर्वाचन तैयारियां एवं स्वीप गतिविधियां तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस कम्पनी के पदाधिकारी
निर्माणाधीन सुरंग हादसे से मचा हड़कंप, 10 मजदूरों की गई जान
कांग्रेस के प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, राहुल-अखिलेश समेत कई नेता हिरासत में
मणिपुर में बदलते हालात, KCP के 46 कैडरों के आत्मसमर्पण से शांति प्रक्रिया को मिली मजबूती
मध्य प्रदेश में UCC को मिली मंजूरी, विधानसभा से विधेयक पास; आम लोगों की जिंदगी कितनी होगी आसान?
राजस्थान के मरीजों को बड़ी राहत, अब देशभर में मिलेगा 25 लाख तक कैशलेस इलाज