इस मंदिर में होती है बारिश की सटीक भविष्यवाणी, मानसून से पहले छत से टपकने लगती हैं बूंदें!
वैसे तो आपने भारत में कई अलग और अनोखे मंदिरों के बारे में सुना और पढ़ा होगा. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे चमत्कारी मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बारिश की भविष्यवाणी को लेकर प्रसिद्ध है. इसी मंदिर से आसपास रहने वाले लोग बारिश के आने का अंदाजा लगाते हैं. ये मंदिर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 120 किलोमीटर दूर, कानपुर जिले की घाटमपुर तहसील के बेहटा गांव में स्थित है. ये मंदिर भगवान जगन्नाथ का मंदिर है. आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में विस्तार से.
अनूठी बनावट
यह मंदिर देखने में कुछ अलग ही लगता है. इसका गुंबद बंगाल और ओडिशा के मंदिरों की तरह गोलाकार है. मंदिर रहस्यों से भरा हुआ है और कई सालों से वैज्ञानिक और जानकार इस मंदिर के रहस्य को लेकर हैरान हैं. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 11वीं सदी में किया गया था.
किसानों की आस्था
मंदिर से 50-60 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले किसान इस भविष्यवाणी पर भरोसा करते हैं. वे मंदिर में जाकर बूंदों को देखते हैं और फिर अपने खेतों की तैयारी करते हैं. लोग मंदिर में विशेष पूजा-पाठ शुरू कर देते हैं और अच्छी फसल की उम्मीद करते हैं.
कैसे होती है मानसून की भविष्यवाणी?
मंदिर के के गर्भगृह की छत पर एक पत्थर की पट्टी है. ऐसा माना जाता है कि बारिश आने से कुछ दिन पहले वहां से पानी की बूंदें टपकने लगती हैं. अगर सिर्फ नमी होती है तो हल्की बारिश होती है. अगर बूंदें टपकने लगें, तो इसका मतलब होता है कि इस बार अच्छी बारिश होगी.
आज तक बना हुआ है रहस्य
अब तक कई पुरातत्वविद और वैज्ञानिक इस मंदिर के रहस्य को सुलझाने आए हैं, लेकिन अभी तक ये नहीं पता चल पाया कि पानी की बूंदें छत पर क्यों और कैसे बनती हैं. ये मंदिर बारिश की भविष्यवाणी को लेकर स्थानीय लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है.
पुरी जैसी रथ यात्रा
हर साल यहां पर पुरी की तरह रथ यात्रा होती है और एक बड़ा त्योहार मनाया जाता है. इस दौरान गांव में हजारों श्रद्धालु आते हैं.
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