आचार्य विद्यासागर महाराज के स्मृति दिवस पर सीएम मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान
भोपाल: प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को जैन मुनि दिगंबर परंपरा के आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के स्मृति दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए. यह पहला मौका है जब मध्य प्रदेश के विधानसभा परिसर में किसी जैन संत का स्मृति दिवस मनाया गया. इस दौरान सीएम मोहन ने आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन पर आधारित 25 पुस्तकों का विमोचन किया. साथ ही शहर में विद्यासागर महाराज का स्मारक बनाने की भी घोषणा की है. कार्यक्रम के दौरान सीएम ने मंच पर विराजमान मुनि प्रमाण सागर महाराज के पैर धोए।
सीएम ने की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन ने घोषणा की कि, आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की स्मृति में भोपाल में एक बेहतर स्थान बनाया जाएगा, जो उनकी विरासत, त्याग, तपस्या और ज्ञान को संरक्षित करते हुए लोगों को प्रेरणा देगा. सीएम मोहन ने आगे कहा कि, 'आज परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का प्रथम समाधि स्मृति दिवस है. मैं उन्हें बार-बार नमन करता हूं. आचार्य विद्यासागर महाराज में जो मानव सेवा की भावना थी, उसी के कारण वे जीवित रहते हुए देवता के रूप में हमारे बीच उपस्थित हो गए। आज भले ही महाराज जी भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी अपार करुणा, दया और आशीर्वाद हम सभी पर हर समय बरसता रहता है। उनके ओजस्वी और सद्गुणी विचार हमें मानवता के कल्याण के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
"भारत कहो, इंडिया नहीं"
"भारत कहो, इंडिया नहीं" का राष्ट्रीय उद्घोष देने वाले राष्ट्रीय संत, राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक, आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने तीन दिन के कठिन उपवास के बाद 17 फरवरी 2024 को राजनांदगांव के डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी में समाधि ली। आज प्रदेश में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का 'प्रथम समाधि स्मृति दिवस' मनाया गया। शहर में शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा रोशनपुरा चौराहा, मालवीय नगर बिड़ला मंदिर होते हुए विधानसभा पहुंची। कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष के राजनेता शामिल हुए। इनमें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद आलोक शर्मा, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा शामिल थे।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती 2022 पर सवाल, फाइनल आंसर-की में बदलाव के आरोप
राजस्थान में छात्रों का आंदोलन तेज, धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब इस मंत्री के इस्तीफे की मांग