7 साल बेड़ियों में जकड़कर रखा, मां ने ही किया कैद, हालत देख हर किसी का दिल पसीज गया
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में 30 साल का युवक 7 साल से जंजीरों में जकड़ा हुआ था. आरोप है कि मां ने बेटे को बंदी बनाकर रखा था. वजह उसका मानसिक असंतुलन है. सर्दी हो या गर्मी, वह इसी तरह जंजीरों में बंधा रहता था. युवक के कैद होने की जानकारी जब एनजीओ को लगी तो टीम तुरंत रेस्क्यू के लिए पहुंच गई. इस दौरान मां ने जमकर विरोध भी किया. फिर काफी मशक्कत के बाद युवक को वहां से निकाला गया. फिलहाल इस युवक को इलाज के लिए मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. यह चौंकाने वाला मामला खजराना इलाके का है. रेस्क्यू के दौरान पुलिस और एनजीओ की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी. मां बेटे को जाने नहीं देना चाहती थी. इतना ही नहीं उसने टीम पर हमला करने की भी कोशिश की. रेस्क्यू टीम में मौजूद महिलाओं ने उसे रोकने की काफी कोशिश की. फिर भी मां ने काफी संघर्ष किया. काफी हंगामे के बाद युवक को रेस्क्यू किया गया।
एनजीओ ने किया रेस्क्यू
दरअसल इंदौर शहर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. एक संस्था भिखारियों को रेस्क्यू कर रही है। इसी बीच टीम को युवक के बंदी होने की सूचना मिली। जांच के बाद टीम उसे मुक्त कराने पहुंची। संस्था को सूचना मिली थी कि एक युवक को पिछले कुछ सालों से बेड़ियों में बांधकर रखा गया है। उसे एक पुराने ठेले से बांधा गया था। युवक के गले में प्लास्टिक की चादर बंधी हुई थी। उसके शरीर पर पूरे कपड़े भी नहीं थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक की मां भी भिक्षावृत्ति करती है। युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है। उसे ठीक से खाना भी नहीं दिया जाता है। रेस्क्यू टीम ने देखा कि युवक के दोनों पैरों में मोटी बेड़ियां बंधी हुई थीं। कलाइयां भी बंधी हुई थीं। युवक के आसपास काफी गंदगी थी। किसी तरह मां से चाबी ली गई, लेकिन जंग लगने के कारण ताला नहीं खुल रहा था। उसके बाद छेनी-हथौड़े से ताला तोड़ा गया। फिर युवक को मुक्त कराकर अस्पताल भेजा गया।
युवक के हालत की कहानी कुछ ऐसी
युवती के पास से बरामद मोबाइल फोन में गुलनाज बी नाम की महिला का नंबर था। यह महिला पीड़िता की रिश्तेदार है। गुलनाज बी ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 15 साल पहले उसकी मां मुमताज बी को छोड़ दिया था। युवक गायक बनना चाहता था। वह बहुत अच्छा गाता था। जब वह 9 साल का था, तो उसके सिर में गंभीर चोट लग गई, जिससे उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई। पैसे के अभाव में उसका इलाज नहीं हो सका।
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