‘बेटियां बहुत बचा लीं अब बेटे बचा लो’, दोषियों के खिलाफ सजा की मांग के लिए सड़क पर उतरे लोग
इंदौर: 'बेटियां बहुत बचा लीं अब बेटे बचा लो', लिखे ऐसे बोर्ड(तख्तियां) लेकर इंदौर शहर की सड़कों पर लोग निकले और चौराहों पर जाम लगाकर दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। मामला नितिन पडियार आत्महत्या का है। नितिन ने अपनी पत्नी और उसके परिजनों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली और उसने दो सुसाइड नोट भी छोड़े। एक सुसाइड नोट में नितिन ने लिखा था- मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि भारत के कानून को बदले क्योंकि महिलाएं कानून का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।
सोमवार रात को की आत्महत्या
इंदौर के बाणगंगा इलाके में रहने वाले 28 वर्षीय नितिन पडियार ने सोमवार रात यानी 20 जनवरी को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नितिन के परिजनों ने बताया था कि नितिन की शादी करीब 5 साल पहले हुई थी और पिछले कई दिनों से उसकी पत्नी और परिजन उसे परेशान कर रहे थे। तलाक का केस कोर्ट में चल रहा था और तलाक के बाद पत्नी भरण-पोषण के साथ 30 लाख रुपए अलग से मांग रही थी।
सुसाइड नोट में बताई आपबीती
मृतक नितिन ने अपने सुसाइड नोट में कई बातें लिखी थीं। उसने लिखा था, 'मेरी मौत का कारण सिर्फ और सिर्फ मेरी पत्नी हर्षा शर्मा, सास सीता शर्मा, पत्नी की बहन मीनाक्षी और वर्षा शर्मा हैं। मैं नितिन पडियार भारत सरकार से निवेदन करता हूं कि भारत के कानून को बदलें क्योंकि महिलाएं इस कानून का गलत इस्तेमाल कर रही हैं, अगर आपने इस कानून व्यवस्था को नहीं बदला तो हर दिन कई लड़के और उनके परिवार बर्बाद होते रहेंगे।' इसके साथ ही नितिन ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि - मैं युवाओं से निवेदन करता हूं कि वे शादी न करें और अगर करें भी तो समझौता करके शादी करें। अगर किसी को समझ में आए कि मेरे साथ कुछ बुरा हुआ है तो मेरे मरने के बाद मुझे न्याय दिलाएं और अगर नहीं समझे तो अपनी बारी का इंतजार करें।
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