वकालत के साथ पत्रकारिता नहीं कर सकते वकील: बार काउंसिल ऑफ इंडिया
नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि अधिवक्ता पूर्णकालिक या अंशकालिक आधार पर वकालत के साथ पत्रकारिता का कार्य नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने बीसीआई के रुख को स्वीकार किया है। बीसीआई ने अपनी नियमावली के नियम 49 का हवाला देते हुए कहा कि वकीलों को अन्य व्यवसाय या नौकरी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
इस मामले में याचिकाकर्ता ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि वह अब पत्रकार के रूप में काम नहीं करेंगे और केवल अधिवक्ता के रूप में अपने कार्य करेंगे। यह मामला वकील और पत्रकार मोहम्मद कामरान द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है।
पीठ ने बीसीआई के इस निर्णय को मान्यता देते हुए कहा कि वकील के पेशे में पूर्णकालिक प्रतिबद्धता होनी चाहिए और पत्रकारिता जैसे अन्य कार्यों में संलग्न होना नियमों का उल्लंघन है। बीसीआई का यह रुख साफ करता है कि वकालत के पेशे की गरिमा और उसकी प्राथमिकता बनाए रखने के लिए अधिवक्ताओं को अन्य पेशों से अलग रहना होगा।
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक