देश में अब मेडिकल टूरिज्म नया शब्द नहीं रह गया है। अहमदाबाद के अपेक्स हार्ट इंस्टीट्यूट के डॉ. तेजस ने अपने मेडिकल कौशल से इसे एक नई ऊंचाई दी है। अमेरिका के पेनसिल्वेनिया के डॉ. पाल जेसन ग्रेनेट ने अपने दिल का आपरेशन डॉ. तेजस से कराया।

पाल जेसन अमेरिका में ट्रामा हार्ट सर्जन हैं। पेनसिल्वेनिया के डॉ. ग्रेनेट अपनी पत्नी रोजमेरी के साथ अपेक्स हार्ट हास्पिटल आए और डॉ. तेजस पटेल को अपने हृदय रोग के संबंध में बताया। डॉ. तेजस व मुंबई से आए डॉ. एस भट्टाचार्य ने लगातार पांच घंटे तक एंडार्टरेक्टामी सर्जरी की। आम तौर पर हृदय संबधी बीमारी में बायपास सर्जरी होती है, लेकिन एंडार्टरेक्टामी एक जटिल सर्जरी होती है। इसमें हार्ट की नलियां को पूरी तरह से अंदर से साफ किया जाता है।

अमेरिका के डॉक्टर ने भारत को क्यों चुना?

रोजमेरी बताती हैं कि अमेरिका में भी आपरेशन के लिए सभी सुविधाएं मौजूद थीं। वहां के चिकित्सक बायपास सर्जरी करने के लिए तैयार भी थे। लेकिन, उस सर्जरी से ग्रेनेट कुछ साल तक ही स्वस्थ रह पाते। जबकि एंडार्टरेक्टामी सर्जरी के बाद जीवन भर यह समस्या नहीं होगी। उनके परिवार ने इस काम के लिए डॉ. तेजस पर ज्यादा भरोसा किया। डॉ. तेजस पद्मश्री, पद्मभूषण तथा मेडिकल क्षेत्र में सर्वोच्च पुरस्कार डॉ. बीसी राय पुरष्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं।

डॉ. तेजस पर किया भरोसा

 

दुनिया में उनके नाम 700 पक्र्यूटेनियस इंटरवेंशंस जैसी जटिल सर्जरी का रिकार्ड है। इसकी सफलता की दर 99.8 प्रतिशत है। डॉ. अमन बताते हैं कि एंडार्टरेक्टामी सर्जरी के लिए डॉ. ग्रेनेट ने गुजरात को चुना। अमेरिका के चिकित्सक उनकी बायपास सर्जरी करने को तैयार थे। लेकिन एंडार्टरेक्टामी के लिए उन्हें अहमदाबाद जाने की सलाह दी गई। बायपास के लिए उनकी धमनियों में स्थान ही नहीं बचा था। अमेरिका में उनका स्वास्थ्य बीमा था और पैसों की भी कोई कमी नहीं थी। लेकिन उनको अपने हृदय का स्थाई उपचार कराना था, इसलिए उन्होंने भारत व डॉ. तेजस को चुना।